विधानसभा में गरजे मंत्री, क्या बोल गये…

Sandeep Jain - 3/17/2026 9:18:47 AM -

राँची : झारखंड में रसोई गैस को लेकर चिंता अब खुलकर सामने आने लगी है। राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुये संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गैस आपूर्ति की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहे तनावपूर्ण हालात का असर भारत पर पड़ रहा है और झारखंड में LPG की आपूर्ति प्रभावित होती दिख रही है। मंत्री ने बताया कि राज्य में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते बुकिंग के नियम भी बदल दिये गये हैं। अब शहरी उपभोक्ताओं के लिये रिफिल बुकिंग अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिये यह अवधि 45 दिन कर दी गई है। इस बदलाव के कारण कई उपभोक्ताओं को गैस मिलने में परेशानी हो रही है। मंत्री ने कहा कि पहले गैस बुकिंग के 48 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अब सिलेंडर की डिलीवरी में 3 से 4 दिन तक का समय लग रहा है। 16 मार्च तक राज्य में 3,27,630 रिफिल बुकिंग लंबित हैं। यह आपूर्ति संकट की गंभीरता को साफ दिखाता है। मंत्री ने जानकारी दी कि 13 मार्च को केंद्र सरकार के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया गया कि कमर्शियल गैस की सप्लाई 80 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। बीते 14 मार्च को राज्य सरकार और तेल कंपनियों के साथ हुई बैठक में सामने आया कि झारखंड में हर महीने 2273.11 मीट्रिक टन कमर्शियल गैस की जरूरत होती है, लेकिन अब सिर्फ 454.6 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति संभव है। यानी हर महीने राज्य को करीब 1818.51 मीट्रिक टन गैस की कमी झेलनी पड़ सकती है। मंत्री ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठान भी इस संकट से प्रभावित हो सकते हैं। मंत्री ने कहा कि अगर यह युद्ध ज्यादा दिनों तक चला तो देश की मॉनिटरी और फिस्कल पॉलिसी का भी तेल निकल सकता है।