झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने केंद्र सरकार पर झारखंड की बहुमत वाली हेमंत सोरेन सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा बकाया राशि रोके जाने और विभिन्न मंत्रालयों से फंड जारी न होने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्र की हकमारी के कारण ठेकेदारों का भुगतान लंबित है और लाभुकों को भी उनकी राशि समय पर नहीं मिल पा रही है. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी, छात्रों, महिलाओं और श्रमिकों को मिलने वाली सहायता भी प्रभावित हो रही है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार के विभागों के बैंक खातों में जमा राशि और ब्याज को आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म में जमा कराने का आदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कठोर हमला है. इस आदेश के तहत केन्द्रीय योजनाओं के 2425 करोड़ रुपये आरबीआई में स्थानांतरित करने को कहा गया है, जिसे उन्होंने झारखंड के आर्थिक तंत्र को कमजोर करने की साजिश बताया.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कोल इंडिया की सहायक कंपनियों और खनन मदों से संबंधित लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार के ऊपर झारखंड का बकाया है, जिसका भुगतान करने में केंद्र रुचि नहीं ले रही है.
एनडीए के झारखंड सांसदों और मंत्रियों पर भी साधा निशाना।
बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्र के इस रवैये पर राज्य के एनडीए सांसद और केंद्रीय मंत्री भी चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने प्रतिपक्ष नेता बाबूलाल मरांडी पर भी इस मुद्दे पर खामोश रहने का आरोप लगाया.
जनता ने दिया है हेमंत सरकार को मजबूत जनादेश।
उन्होंने कहा कि जनता ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत देकर हेमंत सरकार को मजबूत जनादेश दिया है और हाल के घाटशिला उपचुनाव में भी इंडिया गठबंधन को बड़ी जीत मिली है. ऐसे में केंद्र का यह रवैया जनहित और विकास कार्यों के खिलाफ है.






