शिवराज बनेंगे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष. RSS चीफ से मुलाकात पर क्या बोले कृषि मंत्री?
Sandeep Jain - 8/28/2025 9:25:17 AM -
शिवराज सिंह की सोमवार को ग्वालियर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से बंद कमरे में करीब 45 मिनट बात हुई है। 2 साल बाद शिवराज और संघ प्रमुख की यह मुलाकात हुई है। शिवराज सिंह ने कहा कि मेरे हर रोम में खेती और हर रोम में किसान है।
भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसपर कयासों का बाजार गर्म है। बीते दिनों कई नाम सामने आए जिनके बारे में कहा गया कि ये संभावितों की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। इनमें एक नाम मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी था। आज उनकी संघ प्रमुख मोहन भागवत से हुई मुलाकात चर्चा का विषय बनी है। राजनीतिक जानकार तो ये भी कह रहे हैं कि शिवराज सिंह एक बार फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की लिस्ट में ऊपर आ गए हैं। अब इन सब कयासों पर विराम लगाते हुए खुद शिवराज सिंह चौहान ने सच बताया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मैं कृषि मंत्री के पद को जिम्मेदारी के साथ निभा रहा हूं।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वाले सवाल पर शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है जिसे पूरे मन से कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा ना कभी मैंने सोचा है और ना सोच सकता हूं। शिवराज सिंह की सोमवार को ग्वालियर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से बंद कमरे में करीब 45 मिनट बात हुई है। 2 साल बाद शिवराज और संघ प्रमुख की यह मुलाकात हुई है।
शिवराज सिंह ने कहा कि मेरे हर रोम में खेती और हर रोम में किसान है। चिड़िया की आंख की तरह मेरा एक ही लक्ष्य है। किसानों का विकास कैसे हो,लखपति दीदी कैसे बनें,इसपर हमारा फोकस है। मैं देश का कृषि मंत्री हूं,किसानों की सेवा पूजा की तरह ये काम कर रहा हूं। किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है और मैं ये पूजा हमेशा करते रहना चाहता हूं।
शिवराज सिंह ने आगे कहा कि फसलों में उपयोग होने वाले बायोस्टिमुलेंट यानी जैव उत्तेजक पदार्थ बनाने वाली कंपनियां को चेतावनी दी है और कहा है कि बड़ी संख्या में ऐसी कंपनियां हैं जो बायोस्टिमुलेंट बनाकर किसानों को खरीदने का दबाव बनाती हैं। जब वे कृषि मंत्री बने तो उन्होंने देखा कि इससे उत्पादन बढ़ता है या नहीं, तो इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं निकला। शिवराज ने यह भी कहा कि तीन आईसीआर संस्थान या एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय बायोस्टिमुलेंट का फसल में प्रयोग करके देखेंगी कि इनसे उत्पादन बढ़ रहा है या नहीं।






