दिशोम गुरु की जयंती के मौके पर सीएम का विद्यार्थियों से संवाद, गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना है भविष्य की मजबूत नींव: हेमंत सोरेन

Sandeep Jain - 1/12/2026 8:57:08 AM -

रांची: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती के मौके पर रविवार को खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 5000 से अधिक विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10वीं से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना समेत राज्य सरकार की विभिन्न शिक्षा आधारित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.

कई जिलों से पहुंचे छात्र।

कार्यक्रम में रांची जिले के करीब 4000 खूंटी के 500 और रामगढ़ के 500 विद्यार्थी शामिल हुए. सुबह 11 बजे तक शिक्षक और विद्यार्थी टाना भगत स्टेडियम में उपस्थित हो गए थे. आयोजन के दौरान कुछ चयनित विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया गया, जिससे योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का संदेश गया.

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना।

संवाद कार्यक्रम के दौरान गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभुक विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की. छात्रों ने कहा कि यह योजना, गरीब और आदिवासी बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है. विद्यार्थियों के अनुसार, इस क्रेडिट कार्ड योजना से उन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे परिवार पर बोझ कम हुआ है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं. कई छात्रों ने बताया कि इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थी ले रहे हैं, जिससे यह झारखंड के छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.

शिक्षा के रास्ते में आर्थिक बाधाएं अब आड़े नहीं आएंगी. राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चे भी बिना चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनकी जयंती पर विद्यार्थियों से संवाद करना उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रतीक है: हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री

फेलोशिप योजना शोधार्थियों के लिए काफी उपयोगी।

कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ शोध को भी बढ़ावा दे रही है. विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे और सीएम फेलोशिप योजना का लाभ ले रहे विद्यार्थियों ने कहा कि फेलोशिप योजना, शोधार्थियों के लिए काफी उपयोगी है. पीएचडी कर रहे छात्रों ने इसे बेहतर और समयानुकूल योजना बताते हुए कहा कि इससे उन्हें शोध कार्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल रही है. वही छात्रों का कहना था कि फेलोशिप मिलने से आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं और वे गुणवत्तापूर्ण शोध कर पा रहे हैं.

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सवाल भी पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहज और सरल भाषा में उत्तर दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारी स्कूलों और कॉलेजों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन झारखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्म हुआ था. उन्होंने कहा कि भले ही गुरुजी आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं लेकिन उनके विचार, संघर्ष और आदर्श आज भी जीवित हैं और समाज को दिशा दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावन अवसर पर जब वे हजारों युवाओं और नई पीढ़ी के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं, तो यह स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि झारखंड अब पीछे छूटने वाला राज्य नहीं रहा.

विकास की पटरी पर लौट रहा है झारखंड।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय झारखंड को पिछड़ा राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यह राज्य विकास की सही पटरी पर लौट चुका है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे झारखंड के निर्माण और संरक्षण में अपनी भूमिका को समझे. हेमंत सोरेन ने कहा कि जैसे देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उसी तरह झारखंड की पहचान, अधिकार और अस्तित्व के लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपना जीवन संघर्ष में समर्पित किया.

गुरुजी की रही है बचाने, संवारने और आगे बढ़ाने में भूमिका।

उन्होंने कहा कि झारखंड को बचाने, संवारने और आगे बढ़ाने में गुरुजी की भूमिका ऐतिहासिक रही है. आज राज्य सरकार उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, युवाओं और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी में गुरुजी के विचारों को जीवित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष को याद किया।

इस अवसर पर मंत्री सुदीव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और शिक्षकगण मौजूद रहे. सभी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और विचारों को याद किया. कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड के छात्र-छात्राएं शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे.

गुरुजी को श्रद्धांजलि के समय फफक पड़ी रूपी सोरेन, कहा- मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता, मुख्यमंत्री की आंखें भी हुईं नम

रांची: झारखंड आंदोलन के अगुआ और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 11 जनवरी को 82वीं जयंती है. झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला कमेटी की ओर से रविवार को मोराबादी स्थित गुरुजी के आवास पर श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, उनके बच्चों के साथ कई मंत्री, राज्यसभा सांसद और कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु की तस्वीर पर पुष्पांजलि करने गुरु शिबू सोरेन के आवास पर पहुंचे थे.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन अपनी मां रूपी सोरेन (शिबू सोरेन की पत्नी) को व्हील चेयर पर लेकर पुष्पांजलि कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें. जहां रूपी सोरेन शिबू सोरेन की तस्वीर देखते ही फफक कर रो पड़ीं. उन्होंने फफकते हुए अपने दिवंगत पति को पुष्पांजलि अर्पित की. इस दौरान पूरा माहौल गमगीन सा हो गया.

अब उन्हें अच्छा नहीं लगता है': रूपी सोरेन

रूपी सोरेन को फफक कर रोता देख उनके सेवक बगान ने जब कहा 'मां', तब रूपी बोल पड़ी कि 'यह सब अब अच्छा नहीं लगता है बगान'. इस मौके पर बेटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आंखें भी डबडबा गईं. पिता को श्रद्धांजलि देने के बाद वह वहीं पर बैठ गए, जहां वर्षों तक गुरुजी बैठकर अपने आवास परिसर की खेत में लगी फसलों और सब्जियों को देखा करते थे.

गुरुजी ने इतिहास बनाया है, उनकी कमी हमेशा खलेगी: मुख्यमंत्री

दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के बाद यह उनकी पहली जयंती दिवस है. इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि, 'पहली बार आज के दिन बाबा हमारे साथ नहीं हैं, इसकी पीड़ा उन्हें है. उन्होंने कहा कि यह विधि का विधान है कि जो इस धरती पर आया है, उसे एक दिन यहां से जाना है. लेकिन दिशोम गुरु के बताए रास्ते पर हम चलेंगे, इसका संकल्प लेने का दिन है.'

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि गुरुजी का पूरा जीवन 'संघर्ष' का रहा है. उनकी नहीं रहने से एक खालीपन और सूनापन हमेशा रहेगा. सीएम ने कहा कि, 'इतिहास लिखना और इतिहास पढ़ना आसान है. लेकिन इतिहास बनाना बड़ा कठिन है. गुरुजी ने इतिहास बनाया है, यह हमारे लिए और पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है.' उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिधो कान्हो, नीलाम्बर-पीताम्बर जैसे महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलकर यह झारखंड बना है और हर वर्ग को इस पर खुशी है कि यह हमारा झारखंड है. सीएम ने कहा कि हमारा संकल्प है कि गुरुजी के बताए रास्ते पर चलकर एक खुशहाल झारखंड बनाएंगे.

इन नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि।

मोरहाबादी स्थित शिबू सोरेन आवास, जहां अब उनकी पत्नी रूपी सोरेन रहती हैं, वहां आयोजित श्रद्धाजंलि कार्यक्रम में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री हफीजुल हसन अंसारी, विधायक कल्पना सोरेन, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, प्रवक्ता मनोज पांडेय सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन को 82वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की.